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एसटीएफ की छापेमारी में लाइसेंसी गन-शॉप से 41 बंदूक बरामद, तीन गिरफ्तार
कोलकाता। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ाने वाला एक बड़ा खुलासा हुआ है। एक के बाद एक जगह से अवैध हथियार बरामद होने के सिलसिले में शुक्रवार देर रात स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राजधानी के बीचोंबीच बीबीडी बाग स्थित एक पुरानी और नामी गन-शॉप नर्सिंग चंदर एंड डाव पर छापा मारा। कार्रवाई में 41 बंदूकें जब्त की गईं, जिनमें सिंगल बैरल और डबल बैरल दोनों प्रकार की बंदूकें शामिल हैं। दुकान से मिले इन हथियारों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड दस्तावेज़ों में मौजूद नहीं था।
एसटीएफ ने दुकान के तीन भागीदारों सुबीर डाव, अबीर डाव और सुब्रत डाव को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके के निवासी बताए जाते हैं। प्राथमिक जांच से सामने आया है कि ये हथियार दुकान से अवैध रूप से बाहर निकालकर काले बाज़ार में बेचे जा रहे थे। आरोप है कि हथियारों को ऊँचे दाम पर खरीदारों तक पहुँचाया जाता था।
माना जा रहा है कि इनका इस्तेमाल अपराधी गिरोह और चुनावी हिंसा में हो सकता था। यह कार्रवाई रहड़ा थाने में दर्ज पुराने केस की जांच से जुड़ी है। जांच के दौरान सुराग मिला कि इस लाइसेंसी गन-शॉप के जरिये ही बड़े पैमाने पर हथियारों की तस्करी हो रही है। इसी आधार पर एसटीएफ ने छापा मारकर कार्रवाई की। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि अब तक कितने हथियार इस नेटवर्क के जरिये बाहर गए? किन-किन गिरोहों और किन-किन राज्यों तक यह सप्लाई हुई? इस रैकेट से जुड़े और कौन लोग हैं?
पुलिस का मानना है कि यह मामला शहर के सबसे बड़े अवैध हथियार तस्करी रैकेट में से एक हो सकता है। चुनाव से पहले जिस तरह से अवैध हथियार लगातार बरामद हो रहे हैं, उससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बंगाल में चुनाव से पहले हथियारों की डिमांड अचानक बढ़ जाती है। यही कारण है कि या तो बाहर से हथियार मँगाए जाते हैं या फिर पुराने लाइसेंसधारी दुकानों को ढाल बनाकर अवैध सप्लाई शुरू कर दी जाती है।